भारत में सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक पर्ची सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसे देखकर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। इस पर्ची को देखकर जहां एक तरफ लोग हंस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह हमें भारत जैसे देश में माता-पिता के त्याग और उनकी भावनाओं की गहराई को भी दर्शाती है।
यह वायरल पर्ची 30 अक्टूबर 2025 की है, जिसमें एक शख्स ने अपने बेटे "मोनू की पढ़ाई" के लिए 22,000 रुपये जमा किए हैं। पर्ची में लिखा गया विवरण बेहद मासूमियत भरा है। "नकद/चेक का विवरण" वाले कॉलम में लिखा है - "मोनू की पढ़ाई के कांपटा मिटने पुस्तक अक्षर करना है।" इस लाइन को पढ़कर लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो रहे हैं। दरअसल, इस शख्स ने अपनी साधारण भाषा में यह बताने की कोशिश की है कि यह राशि उनके बेटे की पढ़ाई के लिए है, जिसमें किताबें, कॉपी और अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं।
हालांकि, इस पर्ची को देखकर हंसी तो आती ही है, लेकिन इसके पीछे की भावना बेहद गहरी और प्रेरणादायक है। भारत जैसे देश में, जहां आज भी कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, वहां माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। यह 22,000 रुपये की राशि भले ही ज्यादा न लगे, लेकिन इसके पीछे माता-पिता का त्याग, उनकी मेहनत और अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीद साफ झलकती है।
यह पर्ची हमें याद दिलाती है कि शिक्षा के लिए माता-पिता कितना कुछ कुर्बान कर देते हैं। गांवों और छोटे शहरों में आज भी कई लोग ऐसे हैं, जो अपनी सीमित आय में से बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ते हैं। इस पर्ची में लिखा "मोनू की पढ़ाई" उन तमाम माता-पिता की कहानी बयां करता है, जो अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
सोशल मीडिया पर इस पर्ची को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसकी सादगी और मासूमियत पर हंस रहे हैं, तो कुछ लोग इसकी भावना को सलाम कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह पर्ची देखकर हंसी भी आती है और दिल को छू भी जाती है। माता-पिता का प्यार और त्याग अनमोल है।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "मोनू को पढ़ाई में खूब मेहनत करनी चाहिए, ताकि माता-पिता का यह त्याग सार्थक हो।"
यह वायरल पर्ची हमें हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करती है। यह हमें याद दिलाती है कि भारत में शिक्षा आज भी कई लोगों के लिए एक बड़ा सपना है, जिसे पूरा करने के लिए माता-पिता अपनी जिंदगी की हर खुशी को दांव पर लगा देते हैं। ऐसे में हमें भी चाहिए कि हम इन भावनाओं का सम्मान करें और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए समाज के तौर पर मिलकर काम करें।
आखिर में, यह पर्ची भले ही हंसी का कारण बन रही हो, लेकिन इसके पीछे छुपा माता-पिता का प्यार और त्याग हमें प्रेरणा देता है। मोनू जैसे बच्चों को चाहिए कि वे अपने माता-पिता की मेहनत को समझें और पढ़ाई में जी-जान लगाकर उनके सपनों को साकार करें।