प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक व प्रवक्ता के पदों पर अवशेष श्रेष्ठता सूची में चयनित 520 अभ्यर्थियों की नियुक्ति में देर होने के कारण वे अन्य चयनित अभ्यर्थियों से डेढ़ साल जूनियर हो गए हैं।
नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों से आठ अप्रैल से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे, लेकिन नियुक्ति में देर होने के कारण उन्हें अपने वेतन व अन्य भत्तों के मामलों नुकसान उठाना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने राजकीय विद्यालयों में मार्च 2018 में एलटी ग्रेड शिक्षक और वर्ष 2020 में प्रवक्ता भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। मुख्य सूची में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के साथ ही
आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक व प्रवक्ता भर्ती की अवशेष श्रेष्ठता सूची जारी की थी, जिसमें प्रवक्ता पद के 41 और एलटी ग्रेड के 479 चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
आयोग में अवशेष श्रेष्ठता सूची में चयनित एलटी ग्रेड अभ्यर्थियों का अभिलेख वर्ष 2023 में 17 से 24 जुलाई तक और प्रवक्ता के चयनितों का अभिलेख सत्यापन अगस्त में हुआ था। इसके बाद आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को नियुक्ति की संस्तुति भेज दी थी। एक साल से अधिक समय बीत चुका है और इन 520 चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है।
ऐसे में यह 520 अभ्यर्थी पहले नियुक्ति प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों से तकरीबन डेढ़ साल जूनियर हो जाएगा जाएंगे। फिलहाल, अवशेष श्रेष्ठता सूची के चयनित अभ्यर्थियों से आठ से नियुक्ति एवं विद्यालय आवंटन के लिए आठ से 13 अप्रैल तक ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे और इसके बाद ऑनलाइन नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। मई तक इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल जाएगी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति के लिए डेढ़ साल से भटक रहे हैं। नियुक्ति एवं विद्यालय आवंटन के लिए उनसे दोबारा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। इससे पहले दिसंबर-2024 में ऑनलाइन फॉर्म भरवाए गए थे। नियुक्ति में देरी के कारण एक ही परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के मुकाबले वे प्रमोशन, वेतन एवं भत्तों के मामले में पीछे रह जाएंगे।