श्रावस्ती। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन विद्यार्थियों को अभी तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। किताबें न पहुंचने के कारण छात्र खाली हाथ विद्यालय आ रहे हैं और उन्हें पुरानी पुस्तकों से ही काम चलाना पड़ रहा है।
शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन कक्षा एक से आठ तक के किसी भी विद्यार्थी को नई किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यालय आने वाले छात्रों के बैग या तो खाली हैं या फिर उनमें पुरानी कक्षा की किताबें और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के लिए थाली व कटोरा ही मौजूद है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अजय कुमार ने बताया कि कक्षा चार से आठ तक के लिए 9,84,880 किताबें जिले में पहुंच चुकी हैं। इनमें हिंदी माध्यम की कक्षा चार की 2,09,575, कक्षा पांच की 2,00,797, कक्षा छह की 1,98,361, कक्षा सात की 1,84,297 और कक्षा आठ की 1,61,156 किताबें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उर्दू माध्यम की 2,926 और अंग्रेजी माध्यम की 27,768 किताबें भी प्राप्त हो चुकी हैं।
बीएसए ने आगे जानकारी दी कि जिले पर उपलब्ध इन किताबों को 10 अप्रैल तक सभी न्याय पंचायतों में पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद न्याय पंचायतों से सभी विद्यालयों में इनका वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा एक से तीन तक की किताबों की खरीद के लिए शासन से निर्देश प्राप्त हो गए हैं और जल्द ही इन किताबों को भी खरीदकर विद्यार्थियों को वितरित किया जाएगा।
डीसी सामुदायिक सहभागिता प्रणव त्रिपाठी ने बताया कि कक्षा चार से आठ तक की सभी आवश्यक किताबें जिले में पहुंच चुकी हैं और जल्द ही छात्रों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।
किताबें न पहुंचने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षक पुरानी किताबों या अन्य उपलब्ध शिक्षण सामग्री के माध्यम से छात्रों को पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छात्रों के पास अपनी नई किताबें न होने से पढ़ाई में असुविधा हो रही है। उम्मीद है कि विभाग जल्द ही किताबों का वितरण सुनिश्चित करेगा ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।