अभ्यास का विकल्प नहीं, करें रिवीजन

● यूपी बोर्ड मुख्यालय में परीक्षा के लिए हेल्पडेस्क पर आ रहे सवाल



प्रयागराज, । यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक और सैद्धांतिक परीक्षाओं की समयसारिणी जारी होने के साथ छात्रों एवं उनके अभिभावकों में तनाव और चिंता बढ़ गई है। बोर्ड मुख्यालय में स्थापित हेल्पडेस्क और मनोविज्ञानशाला की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर कई विद्यार्थी और अभिभावक विषय के साथ ही मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर रहे हैं।


यूपी बोर्ड के उप सचिव और मनोवैज्ञानिक डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी के अनुसार, कई बार बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव अथवा तुलना किए जाने के भय से छात्र अपना दैनिक समायोजन खो देते हैं, जिससे मानसिक समस्याओं जैसे तनाव, कुंठा, अनिद्रा, भय और चिड़चिड़ापन जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगती है। इन सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक तरीके हैं, जिनको अपनाकर परीक्षा के डर को समाप्त करके सफलता प्राप्त की जा सकती है।


अभ्यास का कोई विकल्प नहीं होता: हर विषय क्षेत्र को उचित अभ्यास का समय दें। सभी के मॉक टेस्ट जरूर दें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और अपनी परफोर्मेंस भी ज्ञात कर पाएंगे। यह फीडबैक आपको बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।


सकारात्मक विचारों से भय को मात दें: यह बिल्कुल नहीं महसूस करें कि यह कोई अनोखी या अलग परीक्षा है, यह भी हर साल होने वाली परीक्षा की तरह ही आपको पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित होगी। जब बार-बार आप मन में इस बात को दोहराएंगे तो सहज हो जाएंगे और बेहतर परिणाम प्राप्त करेंगे।


बेहतर समय प्रबंधन: परीक्षा के ठीक पहले के दबाव से बचने के लिए जरूरी है समय का सही प्रबंधन अभी से कर लें। एक समयसारिणी बनाए और सभी विषय को जरूरत के अनुसार समय दें, पाठ्यक्रम को दोहराने का भी अवसर बनाकर रखें। जब आंतरिक इच्छा से पढ़ते हैं तो पढ़ी हुई बातें दिमाग में संरक्षित हो जाती है और परीक्षा कक्ष में आसानी से याद आ जाती है।